04 August, 2020

सफलता की ABC's

सफलता की ABC's

A= AMBITION + ATTITUDE + AWARENESS + ACTION = ACHIEVEMENT

B = BELIEVE + BIG THINKING + BRAVE = BLESSINGS,B = BE A FIGHTER

C = CHANGE > CHOICE + CIRCUMSTANCES + CONFIDENCE + COURAGE = CREATIVITY 

CORE = COMMUTATED + ORIENTED + RELIABLE + ENTHUSIASTIC

D = DREAMS > DECISION > DRIVING FORCE = STROGE BURNING DESIRE

E = ENTHUSIASM + EFFORTS + EXPERIENCE + EFFECTIVENESS + EXCELLENT = ENTREPRENEURIALISM 

F = FOCUS - FEAR = FAITH + FREEDOM

F.O.C.U.S. = FOLLOW ONE COURSE UNTIL SUCCESS

F.E.A.R = FALSE EVIDENCE ACCEPT REAL

G = GOALS (G.O.A.L.S. = GO OUT AND LEARN SOMETHING) 

G = GRATITUDE 

H = HABIT = HAPPINESS

H = HOPE = HOLD ON PAIN END

I = IDEAS + IMAGINATION + INNOVATION = INDIVIDUALISM

J = JEALOUSY = AVOID IT | JUST LEAVE IT, 

J = JUST DO IT

K = KNOWLEDGE - WISDOM

K = KNOWLEDGE OF WISDOM 

L= THE LAW OF ATTRACTION 

L = LEADERSHIP 

M = THE MIND +  MANAGEMENT + MOTIVATION + MOMENTUM + MENTORING = MONEY 

N = NO NEGATIVE COMMENTS + NEVER QUIT = NEED 100% PURELY INNOCENCE , NOT TO WORRY 

O = OBSTACLES + OPTIONS = OPPORTUNITY 

P = POSITIVE THINKING + PERSONAL POWER + PROBLEM SOLVING = PROGRESS 

P = PREPARATION + PUBLISH SPEAKING + PERSISTENCE = PERSPECTIVE

P = PROGRESS + POTENTIAL + PERSPECTIVE = PROFESSIONALISM

R = RELATIONSHIP + RESPONSIBILITY + RISK = RELIABLE SOURCES 

S = SALE + SELF-IMAGE + SELF-KNOWLEDGE + SELF-CONFIDENCE + STUDY + SERVICE = SUCCESS

T =  TIME

U = UNDERSTANDING 

V = VISION 

W = WORK + WISDOM = WIN WIN RESULT

X = MULTIPLICATION 

Y = YOU ARE GREAT 

Z = ZEALOUS 





A= AMBITION + ATTITUDE + AWARENESS + ACTION = ACHIEVEMENT

कुछ बड़ा चाहने की इच्छा + सकारात्मक सोच + सतर्कता + कार्यशैली = इनाम

बड़ी सफलता के लिए पहले आपकी मर्जी, आपकी चाहतें बड़ी होनी चाहिए। आपका रवैया , नज़रिया , वृत्ति, आपका ध्येय, सही होना चाहिए। सतर्कता पूर्वक कार्यों को करते रहना जरूरी है, क्योंकि जिस दौड़ में आप दौड़ रहे हैं , उसमें इनाम आपके कार्यों के अनुसार ही मिलने वाला है। जो जितना और जैसा काम करेगा, उसको वैसा ही प्रति फल मिलेगा।


B = BELIEVE + BIG THINKING + BRAVE = BLESSINGS

विश्वास + बड़ी सोच + बहादुरी = आशीर्वाद, आशीषें

B = BE A FIGHTER  चुनोतियाँ से डरना नहीं है , लड़ना है , जीतना है तो जिद्दी बनो।


C = CHANGE > जो चीजें आपको दर्द देती हैं , वही आपके बदलाब का कारण बनती हैं,  बदलाब को स्वीकार करना हमारे ऊपर है। जहाँ जरूरी है, वहाँ बदलाब कीजिये।

CHOICE ~  हमारी अपनी पसंद हमें वह सब देती है, जिसे हम चाहते हैं। 

CIRCUMSTANCES = हमारी चाहतें, हमारे लिए ऐसी परिस्थितियों को पैदा करती हैं, जो हम चाहते हैं। अंत में हम वो हाँसिल कर ही लेते हैं। 

CONFIDENCE = बातचीत के द्वारा ही हमारे अंदर साहस जन्म लेता है। दृढ़ निश्चय हमें धैर्यवान बनाता है। वार्तालाप, वाद विवाद, बातचीत से हम अपने जैसे लोगों को अपनी और खींचते है। बहुत से झगड़े बातचीत से ही हल हो जाते हैं।

COURAGE = साहस से उत्सुकता बढ़ती है ।

= CREATIVITY और अंत में हम अपने मक़सद की अगली सीढ़ी पर आगे बढ़ते हुए "सृजनात्मक" को विकसित करते हैं।


D = DREAMS > DECISION सपने देखो, ज्यादा बड़े और रोज रोज नए सपने देखना, सोते हुए नहीं , खुली आंखों से, अपने सपनों को पूरा करने के लिए  निर्णय लेना और अपने सपनों को जिंदा रखना । सफल लोग यही एक काम पूरी ईमानदारी से करते है। सपने आपके कार्यों के लिए ईंधन हैं, DRIVING FORCE आपकी सफलता आपके ईंधन के स्तर से निश्चित होती है। 

STROGE BURNING DESIRE तीव्र ज्वलंत इच्छा।

मेरे हसबैंड की इच्छा मंडोली में ही घर लेना है, बेटे की तीव्र ज्वलंत इच्छा ONEPLUS PRO ही लेना है, जैसे आप अपनी इच्छा को ब्राम्हण में छोड़ते हो, वह उस तरंग से टकराती है, जो आपने मांगी है और ब्राम्हण आपके लिए रास्ते बनाता है कि वो चीज़ आप तक कैसे पहुँचाये। 


श्री एस. पी. भारिल जी अपनी पुस्तक "18 चेप्टर" में लिखते हैं - "सपना क्या है (DREAM) - वर्तमान में किसी असंभव सी दिखाई देने वाली चीज़ के विषय में सोचना, वो है सपना"। 

पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी कहते हैं - सपना वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हो, सपना तो वो है, जो आपको सोने नहीं देता।


E = ENTHUSIASM + EFFORTS + EXPERIENCE + EFFECTIVENESS + EXCELLENT = ENTREPRENEURIALIUM 


जुनून, जज्बा, जोश के साथ सही जगह पर मेहनत और तजुर्बे से निखरते हुए ,आगे बढ़ते जाना , आगे चल कर ज्यादा  मेहनतकश होने वाले लोग ही आगे चल कर "उद्योगपति" बनते/ कहलाते हैं।


F = FOCUS - FEAR = FAITH + FREEDOM

जब आप किसी एक अच्छी , सकारात्मक चीज़ पर ध्यान देते हैं , तो डर (नकारात्मक प्रभाव) गायब हो जाता है और आपका विश्वास बढ़ता है, जो आपको सच्ची मानसिक, आत्मिक, आध्यात्मिक, सांसारिक, शारीरिक और भौतिक आज़ादी देता है।

F.O.C.U.S. =FOLLOW ONE COURSE UNTIL SUCCESS

केवल किसी एक ही चीज़ पर ध्यान देना , जब तक उसका परिणाम ना मिले।

F.E.A.R = FALSE EVIDENCE ACCEPT REAL

गलत चीजों को 'हाँ' समझ कर सही मान लेना।  

F.A.I.T.H. = FATHER ALL IN THEM HANDS  

सब कुछ भला होगा, क्योंकि आपका सम्पूर्ण भरोसा ईश्वर पर है, और वो सच में भरोसे के योग्य परमेश्वर है।

जब किसी भली मनसा से कोई काम किया जाता है, सम्पूर्ण ध्यान देकर किया जाता है ,तो डर स्वतःदूर होते जाते हैं, सकारात्मक विचारों द्वारा , साहस और बल मिलता है, और आप समस्त आशीषों को प्राप्त कर पाते हो।


G = GOALS + GRATITUDE 

GRATITUDE = धन्यवादी बनो। हर बात में धन्यवाद दो। आपके लिए ये मेरी सलाह है , आप अपनी डायरी में आज दो चीजें लिखिये - पहली वो जो आपके पास हैं और दूसरी जो होनी चाहिए। अब जो चीजें हैं उनके लिए ईश्वर को धन्यवाद दीजिये । ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कीजिये। जैसे कि आज सुबह आप जिंदा उठ पाये,

आपकी सांस आ रही है, आप जीवित हैं, कोरोना ने आपको अब तक कोई नुकसान नहीं पहुँचाया, 

आपके पास खाने को रोटी है, रहने को घर है, प्यार करने के लिए दोस्त, रिश्तेदार हैं और देखभाल के लिए माँ बाप, बच्चे , परिवार, समाज , सहकर्मी, सरकार है। 

आप धन्यवाद दीजिये, उन सारी विषम परिस्थितियों के लिए , जो आपके लिए नुकसान ले कर आयीं, आपने कुछ बुरा महसूस किया, परिस्थिति आपके विरोध में हैं , आप दुख , पीड़ा , समस्याओं में हैं, आपके साथ कुछ अच्छा नहीं हो रहा, आप की नॉकारी , आपका व्यवसाय खतरे में है या नुकसान होता जा रहा है। आपका कोई बुरा चाह रहा है, आपकी किसी ने मानसिक और आर्थिक आज़ादी छीन ली, आपका शोषण हो रहा है, कोई है जो हाथ धोकर आपके नुकसान के लिए आपके पीछे पड़ गया है, आपको जान का खतरा है, कोई आपको मार देना चाह रहा है,आप की बेइज्जती हो रही है , आप सताव और संकट में हैं , ईश्वर का धन्यवाद कीजिये, क्योंकि जो लोग ईश्वर की इच्छा के अनुसार भली चाल चलते हैं, वे सताए जाते हैं , परंतु सब बातें आपके भले के लिए ही हैं। दोस्तो, मैंने इस सामर्थी एहसास को महसूस किया है कि जब भी हम अपनी विपरीत परिस्थितियों में ईश्वर, समय और लोगों को दोष देने के बदले ईश्वर का दिल से धन्यवाद करते हैं तो आपको मन की अद्भुत शांति और ईश्वर के प्रेम का एहसास होता है , तो आप के विचार बदल जाते हैं , आपके विचार बदलते ही आपके कार्य बदल जाते हैं और कार्य बदलते ही परिस्थितियां बदल जातीं हैं।


G.O.A.L.S. = GO OUT AND LEARN SOMETHING 

जिंदगी में बिना लक्ष्य, के आप दिशा हीन इधर उधर, कहीं भी भटकते रहेंगे, इसलिए आपके पास लिखित लक्ष्य होना जरूरी है, दुनिया में कोई चीज़ दो बार बनती है , एक बार आपके मन मस्तिष्क में , आप उसका ब्लूप्रिंट बनाते हैं और दूसरी बार हकीकत में , जब वो बन कर तैयार हो जाती है, अगर आपने कागज पेन से अपने जीवन के लक्ष्य नहीं बनाये तो, आपके लक्ष्य हक़ीक़त में कैसे पूरे होंगे ? आपके लिखित लक्ष्य आपको दिशानिर्देश देते हैं कि अगले कदम पर क्या करना है और कदम दर कदम बढ़ते हुए आप देर सबेर अपनी मंजिल पा ही लेंगे।

किसी ने कहा है "हज़ार मील की यात्रा भी पहले एक कदम से शुरू होती है"। और आपकी जीवन यात्रा में सफलता के लिए पहला कदम "लिखित लक्ष्य" ही हैं। 

अपने लिखित लक्ष्यों को अपनी आंखों के सामने रखें, आप बेमिशाल परिणाम प्राप्त करेंगे।


H = HABIT = HAPPINESS

 आपके विचार जब हमेशा धन्यवाद वाले, सकारात्मक रवैये के साथ बहते हैं तो खुशनुमां माहौल बन जाता है, और यही खुशनुमां माहौल आपकी खुशकिस्मती भी बन जाती है।

HOPE = HOLD ON PAIN END आशावान रहिये। आशा से लज्जा नहीं होती । आशा रखिये और दुख दूर होने तक धैर्य बनाये रखिये।


I = IDEAS + IMAGINATION + INNOVATION = INDIVIDUALISM

एक विचार, जब बार बार आपके मन में लगातार कौंध रहा होता है , तो एक नई चीज़ की रचना, एक नई खोज, एक नया अविष्कार , आपके जीवन में जन्म लेता है और वह विचार, कल्पना, अविष्कार आपको दूसरों से अलग होने का प्रमाण देता है, आप की सोच, आपका व्यवहार, आपके कार्य, कार्यशैली, सब कुछ औरों से भिन्न हैं और अगर इस भिन्नता को आप तराशें तो आप अनमोल हैं सारी कायनात में । खुद को पहचानिये और अपने काम पर लग जाइए।

कुछ ऐसा है जो अभी आपके द्वारा किया जाना बाकी है, लिखा जाना बाकी है, कहा जाना बाकी है और जो इबारत आप गढ़ रहे हैं वह सदियों तक याद की जाएगी।


J = JEALOUSY = AVOID IT | JUST LEAVE IT.

JUST DO IT जितनी जल्दी हो , इसे कर दीजिए। ईर्ष्या को त्याग दीजिये। घमंड करना, डींग मारना छोड़ दीजिए।

सफलता की राह में जलन, ईर्ष्या का कोई स्थान नहीं है, क्योंकि जलन और घमंड इंसान के विनाश का कारण है।  सफलता की ऊंचाई को छूते समय याद रखिये,कि आसमां में घर नहीं होते, रहना जमीन पर ही है, ऊपर उठते हुए याद रखिये, जब दुबारा जमीन पर आएंगे तो मुलाकात इन्हीं लोगों से होगी, जिनसे ईर्ष्यावश दूरी बनाई है।

किसी ने कहा है- जब सफलता की बुलंदियों से आसमाँ को छूने लगो तो पैरों को जमीं पर ही रखना। यानी अकड़ और ईर्ष्या को मन में जगह मत देना, जितना अधिक ऊपर उठो , उतने नरम दिल और हल्के बनना, क्योंकि हल्की चीज़ ही ऊँचाई तक जा पाती है, और नरम घाँस को कभी कोई तोड़ नहीं सकता, घाँस एक दम झुकी हुई है, उससे ज्यादा नम्रता और कहाँ। जब पेड़ बहुत फलता है, फलों से भरा रहता है तो झुक जाता है। अकड़ केवल मुर्दे में होती है, जो निर्जीव , नीरस और आग के हवाले होने वाला हो, उसी में अकड़ आती है , इसलिए सावधान रहना।


K = KNOWLEDGE + KNOWLEDGE OF WISDOM 

ज्ञान के ना होने से प्रजा नाश हो जाती है, बंधुयाई में चली जाती है।

बहुत ज्यादा ज्ञानवान ना हों, पर जितना आवश्यक ज्ञान चाहिए , वह अवश्य होना चाहिए, और जितना ज्ञान है, वह सही होना चाहिए, गलत, भ्रम में रहने से मूर्ख ही सही। परमेश्वर का डर और परमेश्वर की व्यवस्था का ज्ञान होना अति उत्तम है। किसी भी बात की जानकारी रखना और उस बात में विशेषज्ञ होना दो अलग अलग बातें है, पर एक बात की जानकारी और उसी जानकारी में विशेषज्ञ होना अच्छी बात है , बहुत से अच्छे बाइबिल ज्ञाता हैं , बाईबल को पुस्तक की तरह जानना और उस पुस्तक की विशेष बातों की विशेषता, जानना दूसरी बात है । आप काल्पनिक वादी ना हों यथार्थ की खोज करें। 

अधूरा ज्ञान नाशवान है , इसलिये ज्ञानी होना अच्छी बात है। परमेश्वर से  बुद्धि माँगे "बुद्धि का ज्ञान" होना और ईश्वरीय ज्ञान के लिए बुद्धि ।


L= THE LAW OF ATTRACTION & LEADERSHIP 

 आप नेतृत्व की क्षमता वाले अंतर्मुखी व्यक्ति हैं और आप का आकर्षनीय स्वभाव ही  आपको लोगों को खींचने वाला चुम्बक बना देगा। हमेशा अच्छी तरंगें, आपके चारों ओर रहना चाहिए और वो अभी भी हैं और आप भी अन्य भली वस्तुओं और लोगों की अच्छी तरंगों की ओर खिंचते जाते हैं।आप लोगों को खींचे, सफलता और समृद्धि को खींचे । और आप सब कुछ प्राप्त कर लेंगे।


M = THE MIND +  MANAGEMENT + MOTIVATION + MOMENTUM + MENTORING = MONEY 

 पैसा आना , या ना आना, आपके दिमाग की व्यवस्था पर आधारित है ,आपने खुद को  जागृत रखना है, दूसरों को भी जागरूक करना है, पैसा बुरा नहीं है, पैसे का लोभ, यानी पैसों के पीछे हत्या, चोरी, जैसे अपराध ये बुरी चीज़  है , धीरे धीरे आपके लिये अच्छा  माहौल बन जाता है जो आपको दूसरों के लिए सही पथ प्रदर्शक बनाता जाता है और सही गलत के लिए दिशानिर्देश , मार्गदर्शन करना आपकी जिम्मेदारी बनती जाती  है , इन सारी बातों को सही करते जाना ही सफलता के पथ पर चलने वालों की निशानी हैं। खुद को जांच लीजिये।  अपने माइंड को व्यवस्थित कीजिये , प्रेरित कीजिये , दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनिये और पैसा आपके पीछे आने लगेगा।

 

N = NO NEGATIVE COMMENTS + NEVER QUIT = NEED 100% PURELY INNOCENCE , NOT TO WORRY 

कभी भी नकारात्मक ना बोलें। नकारात्मक कटाक्ष , लोगों को आहत करते हैं, और कुदरती अगर आप किसी को आहत करते हैं तो आप भी आहत होंगे। बुराई से दूर रहें । जिस काम को शुरू किया है, उसे पूरा करने तक प्रयास करते रहें। किसी भी बात की चिंता मत करो, बस जो काम आपके हाथ में, आपके वश में है, उसे करते जाओ, सही भावनाओं के साथ, सही तरीके से । जिस तरह सवाल सही हो तो जबाब भी सही मिल जाता है। उसी तरह से सही काम, सही भाव से , सबके भले की मनसा से किया जाता है तो उसके प्रभाव और परिणाम भी सही पैदा होंगे।


O = OBSTACLES + OPTIONS = OPPORTUNITY

बाधाएँ आयेगीं, फिर अवसर भी मिलेंगे। विकल्प आपके पास है। किसे अवसर समझ कर अपनाना है और किसे बाधा समझ कर ठुकराना है।

"विकल्प बहुत मिलेंगे, राह/मंज़िल ,से भटकाने के लिए।

संकल्प एक ही बहुत है, सफलता पाने के लिए"।

एक कहावत है, "अवसर दुबारा / बार बार , द्वार नहीं खटखटाता"। अगर आप किसी एक काम को पूरे समर्पण से , लगातार 30 दिनों तक करते हैं, तो वह कार्य आपकी आदत बन जाता है, और फिर अनजाने , अनचाहे ही आपके लिए कार्य होते जाते हैं, हर बाधा आपके लिए एक अवसर को जन्म देती है।

कोरोना का दौर आया- बहुत से कारोबारियों पर मानो बाधायें आ गयीं पर, कुछ ने उन्हीं बाधायों को अवसर में बदल लिया। जैसे ऑनलाइन मार्किट को अपनाना, E कॉमर्स व्यवसाय, जिनको फोन चलाना नहीं आता था, अब वीडियो कॉल पर काम कर रहे हैं । यूट्यूब , ऑनलाइन शिक्षा । आपके जीवन की बाधाएँ , अवसर बन सकती हैं। कभी कोई भी ताला बिना चाबी के नहीं बना, इसी तरह कोई भी समस्या बिना समाधान के नहीं है और उसी समाधान को अवसर कहते हैं।


P = POSITIVE THINKING + PERSONAL POWER + PROBLEM SOLVING =PROGRESS 

सकारात्मक सोच, बड़ी सोच अंदर छिपी हुई ताक़त को बाहर ले आती है, आप विश्वास करने लगते  हैं कि अब मेरे लिए असंभव सी बातें भी सम्भव हो जाएँगी, आप अपनी समस्याओं के सामाधन खोज लेते हैं, ना केवल खुद की , बल्कि औरों की भी समस्याओं के समाधान आप आसानी से खोज लेते हैं।

PAINS = P.A.I.N.S.

POSITIVE ATTITUDE IN NEGATIVE SITUATINS

नकारात्मक स्थिति में भी सकारात्मक से डटे रहना ही दर्द का एकमात्र उपाय है।


P =PREPARATION + PUBLISH SPEAKING + PERSISTENCE = PERSPECTIVE

आप खुद को बेहतर से बेहतरीन बनाते जाते हैं , आपको लोगों से बात करना, सलाह देना, मिल कर रहना, आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना आ जाता है , आप दृढ़ता से आगे बढ़ने के लिए, सीखने के लिए हमेशा तत्पर , तैयार हैं और फिर आशावादी, यथार्थवादी दृष्टिकोण के आप धनी बन जाते हैं।


P = PROGRESS + POTENTIAL + PERSPECTIVE = PROFESSIONALISM

आप सीख रहें है, आगे बढ़ रहे हैं, आपको इस बात का एहसास होता है कि यहॉं अपार संभावनायें है, बड़ी सामर्थ है और आप उस एक कार्य में इतने निपुण हो जाते हैं कि आप पता नहीं कब सफलताओं के व्यावसायिक व्यक्ति, ब्रांड बन जाते हैं।और यही बात तो आपको औरों से अलग और बेहतर बनाती हैं कि आप कुछ अलग, और हटकर हैं।

Q = QUICKLY APPROACHING + QUESTION ORIENTED = QUITE 

NEVER QUIT 

 सवालों से शुरुआत कीजिये। "आखिर क्यों आप ये कर रहे है?"

इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे ? अगर सवाल "क्यों" बहुत हद तक आप समझ जाएं, तो आप बिना सफल हुए , स्थिरता के बिना आप जल्दी से मैदान छोड़ के भाग नहीं पाएंगे और आपके डटे रहने से ही आपके कारोबार में स्थिरता आएगी । आप भली भांति चीजों को जल्दी पहचान पाएंगे और तुरंत लाभान्वित भी होंगे।


R = RELATIONSHIP + RESPONSIBILITY + RISK = RELIABLE SOURCES 

सफलता में रिश्ते जरूरी हैं,रिश्ते सबसे अनमोल उपहार हैं, उनका सम्मान कीजिये, उनसे प्रेम कीजिये और अपनी जिम्मेदारी खुद लीजिये, सफल व्यक्ति अपने अच्छे बुरे के लिए अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर नहीं डालता, खुद ही उसे पूरा करता है। 

अगर स्वर्ग का अनुभव करना है तो मरना भी खुद पड़ेग, दूसरे के मरने से हमको स्वर्ग नहीं मिलेगा।

इसी तरह जब अच्छी वस्तुओं का सुख चाहिए तो प्रयास भी खुद को करने पड़ेंगे। इन प्रयासों और रिश्ते के बीच तालमेल बिठाने में बहुत जोखिम भी उठाने पड़ते हैं , पर जोखिम का डर अगर दिल में बसाकर रहेंगे तो सफलता के लिए प्रयास भी नहीं कर पाएंगे और जोखिमों को कम करने का सबसे अच्छा उपाय है , जिम्मेदारियों से दोस्ती कर लो , और एक जिम्मेदार इंसान से सभी लोग रिश्तेदारी रखते हैं।


S = SALE + SELF-IMAGE + SELF-KNOWLEDGE + SELF-CONFIDENCE + STUDY + SERVICE = SUCCESS

आप बेचने के कारोबार में हैं , हर व्यक्ति कुछ ना कुछ बेच रहा है, शिक्षक, प्रोफेसर, प्रीचर, पादरी, धर्मगुरु, नेता, अभिनेता अपने विचारों और कलाओं को बेच रहे हैं , कर्मचारी अपनी सेवा और अपना समय बेच रहा है और व्यापारी अपना सामान है, प्रोफेशनल अपनी सलाह और सेवा बेच रहे हैं।

आपका कारोबार और कार्य करने का गुण आपको एक पहचान देता है, और एक पहचान आप खुद अपनी बना लेते हो। तो आप अपनी पहचान अपने कार्य से जोड़ दीजिये । आपकी पहचान, आपका कार्य ,  आपको कुछ जानकारियां देता है और इसी से आपका आत्म विश्वास बढ़ता जाता है, आप खुश होकर सेवा देते हैं और आपकी इसी खुश मिज़ाजी पहचान को सफलता कह सकते हैं। क्योंकि अंतिम लक्ष्य तो खुशी ही है। सीखते रहिये, आगे बढ़ते रहिये, फिर आपके लिए असफल होना मुश्किल हो जाएगा। आपकी सफलता निश्चित हो जाएगी।


T =  TIME सफल व्यक्ति समय का सदुपयोग करना जानता है, और हमेशा अपने समय को व्यवस्थित करके , समयसारिणी के हिसाब से अपने काम से बच गए घंटों को और सार्थकबना लेता है।जब जब जो जो उचित होता है, एक सफल व्यक्ति वह जरूर करता है।

कुछ चीजें हैं जो असफल लोगों को अच्छी नहीं लगतीं और वो उन्हें नहीं करते, वही चीजें सफल लोगों को भी अच्छी नहीं लगतीं , पर वो उसे जरूर करते हैं और इतना करते हैं कि उनके खून में वो चीजें रच बस जातीं हैं, और सफलता का यही एक महान सत्य है - कर्म किये जाओ, फल मिलेगा । आज नहीं तो कल मिलेगा यानी आपके लिए सफलता = कार्य, कार्य और केवल कार्य।

सफल लोग अपने दिन के 24 घंटे को किसी बेकार के कामों की जगह, टेलीविजन, फ़िल्म या गपशप में व्यर्थ व्यतीत नहीं करते, इस तरह बिताया गया समय "बीत गया" और कभी लौट के नहीं आने वाला , परंतु सफल लोग अपने समय के 24 घंटे में से कुछ घंटे विशेष जगह इन्वेस्ट करते हैं और ये इन्वेस्ट किये घंटे एक दिन बड़ी पूंजी बन कर लौट आते हैं। 

अगर रोज एक घंटे किताब पढ़ी जाए तो माह में 2-3 किताब और साल में 25-30 किताबें।

25-30 किताबों में आप 25-30 लोगों के अनुभव मालूम कर पाते हैं, जो उन्होंने अपने जीवन के 20 सालों के कार्य के दौरान प्राप्त किये होते हैं , और सच मानिये, सफल लोगों की बड़ी सफलता का रहस्य यही है कि उन्होंने दूसरों के अनुभवों से सीखा। अपने अनुभव से सीखेंगे तो एक जीवन कम पड़ जाएगा। और सही तरह से जियेंगे तो एक जीवन काफी है । अगर आज बेकार समय बिताया तो बेकार ही हो जाएंगे - बेकार यानी बिना कार के ।

 आप 20-30 साल धक्के खाते हुए जीवन जीते जाएं, शायद सफल हो जाएं और आपको बीती जिंदगी का कोई अफसोस ना रहे या आप कुछ पुस्तकों को अपने पास रखना शुरू कर दीजिये, बस पास रखिये। एक माह, दो माह या 6 माह बाद आपकी उस पुस्तक पर निगाह टिक जाएगी और आप उसका पिछला पेज पलट कर देखेंगे, फिर आप उसे पढ़ना चाहेंगे और अंत में आप उसे पढ़ेंगे। 

यकीन मानिए, जिस समय से आप पुस्तक पढ़ना शुरू करेंगे, आपके दृष्टिकोण में बड़ा अंतर आ जाएगा।

सही जगह समय लगाइये, वरना रेत की तरह ये समय आपके हाथों से कब निकल जाएगा, आपको पता भी नहीं पड़ेगा।

अवसर, और समय को बहुमूल्य समझो।

समय आपका है , चाहे तो सोना बना लो या सोने में गुज़ार दो।


U = UNDERSTANDING 

सफलता के लिए जिस रास्ते पर आप चल रहे हैं, उसमें बहुत से उत्तर चढ़ाव आएंगे, धैर्य रखिये, समझदारीपूर्ण आगे बढ़िए। अधीरता, आरोप लगाना, या सुस्तापन जैसी प्रतिक्रिया आपकी सफलता में बहुत बड़ी बाधा है।

बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति से मन को इतना मत भर लो, कि किसी की भावनाओं को ना समझ सको।

समझ की प्राप्ति का यत्न ना घटने पाये। 

सही शब्दों में हर रिश्ते, और कार्य के बीच समन्वय, तालमेल जरूरी है और सभी जगह आप सही, दूसरा गलत, ये सब समझ समझ का फेर है। दूसरे की दृष्टि में हम गलत और वो सही। इन सारी बातों को कैसे समझ पाएंगे कि क्या सही क्या गलत है , अगर समझ ना हो तो।



V = VISION 

दर्शन की बात पटिया पर लिख ले। उसे अपनी आखों के सामने रख, कि नियत समय में वो पूरी हो सके। जो लोग अपने दर्शनों को लिखित में अपने समक्ष रखते है, वो एक दिन अपने लक्ष्य को पा लेते है।



W = WORK + WISDOM = WINNING RESULT

अपने काम से काम रखो और जो तुम्हें सबसे ज्यादा पसंद है, उसे करो। काम करने से प्रेरणा नहीं मिलती , प्रेरणा से काम करने का जज्बा बना रहता है।

हर एक मनुष्य की एक विशेषता और एक कमजोरी होती है। अपनी विशेषता को अपनी पसंद और अपनी पसंद को अपना काम बना लो। सचिन को खेलना पसंद था, स्टीब जॉब को पुस्तकें पसंद हैं, किसी  को गाना, किसी को पेंटिंग , किसी को प्रचार करना और किसी को लिखना पसंद है। 

अपने पसंद को काम बनाने से सबसे बड़ा फायदा ये है कि फिर काम , काम नहीं लगता, वो बस होता रहता है, यूं ही समझो कि अकस्मात।

बुद्धिमान लोग समझ के साथ काम करते हैं और विजय प्राप्त करते हैं।


X = MULTIPLICATION 

X = XEROX आप खुद को बेहतर बनाते जाईये और लोगों के लिए आदर्श बन जाईये। लोग आपको कापी करेंगे, आपके जैसा बनना चाहेंगे और आप का लक्ष्य इस एक बात से पूरा हो जाएगा कि आपका जीवन किसी के लिए काम आया।

समय और  लोगों को गुणन करते रहो। 

अमीरी की चाबी केवल समय की शक्ति और लोगों की शक्ति पर आधारित है।


Y = YOU ARE GREAT 

आप महान सृष्टिकर्ता की कारीगरी हैं, आप में विशालता है, आप अतुलनीय परमेश्वर के स्वरूप में रचे गए हैं और सब से बढ़कर आपने भावनाओं को समझने , लोगों को प्रेम करने , लगे लगाने और सांत्वना देने के गुण हैं, सृष्टिकर्ता परमेश्वर खुद जमीन पर नहीं आ सकते , इसलिए उन्होंने आपको रखा है , दुनिया में एक बेहतर बदलाब लाने के लिए। आप अपने कार्य को अपने प्रभु की प्रथम और अंतिम इच्छा मान कर पूरा कीजिये। 


Z = ZEALOUS 

उत्साही बने रहें। अपने लिए , अपनों की सफलता के लिए जो प्रयास आप कर रहें हैं उत्साहित होकर करें। 

उत्साह , जोश, जुनून हमेशा कायम रखिये, फिर आपकी सफलता पक्की ।


"कामयाबी/ सफलता के लिए जोश, जुनून चाहिये,

 फिर मुश्किलों की क्या औकात"।


"मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती होती है ।

पँख से कुछ हाँसिल नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है"।


"गर देखन चाहते हो मेरी उड़ान,

तो थोड़ा और ऊँचा कर दो आसमान"।


"ना हारे थे, ना हारेंगे, ये हमने एक बार नहीं सो सो बार कहा है।

मंज़िल मिलने तक नहीं रुकेंगे, ये खुद से ही हमने एक वादा किया है"।


"खुद ब खुद मंज़िल की और बढ़ते रहे मेरे कदम,

 चले थे अकेले हम, लोग जुड़ते गए और काफिला बन गया"।


"कहिये तो आसमान को जमीन पर उतार लाएं

मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर , ठान लीजिये"।


"हौसला अपनी हर एक उड़ान में रख, निगाहें तुझी पर हैं सब की ये बात अपने ध्यान में रख।

बुलंदियां हर वक़्त हिम्मत आजमाएगी, दिल में ताक़त और मंज़िल को निगाह में रख।

हर मुश्किल के बाद करीब होगी तेरी मंज़िल,  मुश्किलों के ऐसे ही दौर को बनाये रख। 

सब से मीठा बोल और जुबान में मिश्री, दिमाग में ठंडक बनाये रख।

मंज़िल भी तेरा स्वागत करे, कुछ ऐसी हस्ती बनाये रख"।


"मिली है जिन्दगी तो कोई मक़सद तो होगा, 

बेकार की जिंदगी भी बिता देना ठीक नहीं"।












 




7 Signs Satan Is Messing with Your Mindset (7 तरह से शैतान आपके मन को भरमाता है, विचलित करता है(

Spiritual Growth and Christian Living Resources

Clarence L. Haynes Jr.


7 Signs Satan Is Messing with Your Mindset

We all recognize that we have an enemy. We all know that Satan attacks. The question however is: how does he do it? What are the ways and methods the enemy uses to attack and try to get us off course? It is so very important to understand his methods because when you do, you can be on guard and ready to fight back.


I believe Satan is really after three things in your life.


Your relationship—Your walk with God.


Your fellowship—Your communion with others in the body of Christ.


Your discipleship—Your commitment to fulfill God’s purpose for your life.


One of the ways the enemy works to attack these areas of your life is by planting little seeds of doubt, often in the form of questions. In other words, he messes with your mindset or your thinking. If you remember this is what he did with Eve in the garden when he asked, “Did God really say?”


The way he operated then is still how he operates now. These seeds attack one or all three of these areas in your life. If we are not careful these little seeds can take root and we can begin to breathe life into them. They can latch on to your thinking and cripple you, leading you to an unproductive life. The best way to defend yourself is to recognize what some of them are.


For this reason, I want to share with you seven questions Satan will ask to mess with your mindset.



1. Did God really forgive you?

One of the tricks Satan often uses is to get you to believe that either God hasn’t forgiven you or that he won’t forgive you. The problem with this feeling of unforgiveness is that it pushes you away from God.


Another word for this is condemnation. Condemnation doesn’t make you want to draw close to God, it makes you want to run as far away as possible. Remember, this is what Adam and Eve felt in the garden and it caused them to hide from God.


Satan understands the power of feeling condemnation. He knows if he can get you thinking these types of thoughts you will question God’s ability or willingness to forgive you. This will have devastating effects on your walk with God. You won’t pray. You won’t worship. You won’t open your Bible because in your mind you stand condemned.


Here are two verses to help you root out this seed.


Therefore, there is now no condemnation for those who are in Christ Jesus – Romans 8:1


 If we confess our sins, he is faithful and just and will forgive us our sins and purify us from all unrighteousness. – 1 John 1:9


You can be confident today that God is not only able to forgive he is willing to forgive. When he forgives you, he wipes the slate clean and he doesn’t remember your sins anymore.


As far as the east is from the west, so far has he removed our transgressions from us. – Psalm 103:12


You are forgiven. You are free. You are not condemned.


2. Does God really love you?

Many times, this question rolls around in your head, especially when a major disappointment or tragedy happens in your life. You begin to wonder if God’s love is real. After all, if God really loved me why did this happen? I don’t want to suggest that this is a simple question to work through, it’s not, but it’s important to understand that God really loves you and he proved it.


But God demonstrates his own love for us in this: While we were still sinners, Christ died for us. – Romans 5:8


The proof of God’s love for you isn’t that everything always goes right in your life. You have to remember we still live in a fallen, sinful world.


The proof of God’s love is that he dealt with our greatest malady, which was our sinful condition. If he would have left us in that condition we would have been separated from him forever. So, if Satan tries to trick you and cause you to begin to wonder about God’s love for you remember the cross. That was and forever will be the greatest evidence of how much God loves you.


3. Why did they do that?

One of the most frustrating questions you can ask is why did they do that? Satan knows this. When you ask this question, usually it is to yourself and never to the person who did whatever it is they did. When this happens it only leads to speculation and accusation. I heard someone say this: without complete information, any conclusion you come to is probably false.


When you question the motives of a person, without talking to that person, this becomes a breeding ground for mistrust, blame, division, and ultimately separation. This is right up Satan’s alley. If someone you know does something wrong or does you wrong, don’t ask yourself why—ask them why. This doesn’t mean you will like the answer, but at least you don’t have to assume what it is.


This one act alone creates a potential open door for unity and continued fellowship.



4. Do you really believe God is going to come through for you?

This is a question of God’s faithfulness and his ability to take care of you. If Satan can get you to question God’s faithfulness this leads to worry, confusion, anxiety, stress, and even depression. None of these are healthy and none are good for you. Consider God’s promise in Hebrews (one of my favorite scriptures)


…for He has said, “I will never [under any circumstances] desert you [nor give you up nor leave you without support, nor will I in any degree leave you helpless], nor will I forsake or let you down or relax My hold on you [assuredly not]!” – Hebrews 13:5 (AMP)


You should let that resonate in your heart for a while. This should build your faith and destroy your worry. Know this today, God will be faithful to you. He will not let you down. You can trust that today no matter what the enemy tries to tell you.


When you pass through the waters, I will be with you; and when you pass through the rivers, they will not sweep over you. When you walk through the fire, you will not be burned; the flames will not set you ablaze. – Isaiah 43:2


5. No one understands what you are going through.

This one really isn’t a question but a whisper that will sometimes attack you when you are in a hard place. The goal is to isolate you. Isolate you from God’s presence because he doesn’t understand. Isolate you from God’s people because they don’t understand. This is what Satan wants you to believe. When this happens, you are left to your own devices leaving you weak and vulnerable.


Again, this is the place he wants you to be. If these whispers come—remember the truth of God's word.


For we do not have a high priest who is unable to empathize with our weaknesses, but we have one who has been tempted in every way, just as we are—yet he did not sin. Let us then approach God’s throne of grace with confidence, so that we may receive mercy and find grace to help us in our time of need. – Hebrews 4:15-16


Two are better than one, because they have a good return for their labor: If either of them falls down, one can help the other up. But pity anyone who falls and has no one to help them up. – Ecclesiastes 4:9-10


You are not alone. You are not in your struggle alone.


Not only does God understand, but he has placed people around you who will, too. In the hard moments of life, don’t be afraid to look to God and the people who he has surrounded you with. By the way, if you feel like there aren’t any around, then pray and ask God to bring them into your life. I have prayed this before and God did it for me. I am confident he can do the same for you.



6. Do you really think you can do that? Look at what you are.

When this flows in your heart, the enemy is either trying to get you to look at your limitations or your qualifications. He is laying down the challenge that you can’t be the person God wants you to be...or accomplish what God wants you to accomplish.


It is so important to remember that because God dwells inside your heart, you are not limited or unqualified to do anything. Since he is the God of the impossible, and he lives in you, then even the most impossible situations become possible because he is doing the work through you. That’s why Paul said I can do all things through Christ who strengthens me.


God’s presence in your life removes the limitations and it is what makes you qualified. Satan wants to trick you into looking at only your own ability and that could be pretty depressing for any of us. God wants you to lean into his ability, because when God is for you then who can really stand against you? What he started in you he will bring to completion; so rest in his ability and not your own.


Being confident of this, that he who began a good work in you will carry it on to completion until the day of Christ Jesus. – Philippians 1:6



7. Is it really all worth it?

Sometimes in life, you will face discouragement. You will toil, work hard, give your best, and after doing all that, you may not get the result you wanted. After pouring your heart and soul into whatever you are doing, someone can make you feel unappreciated or of little value or worth.


In moments like these, Satan may whisper this thought: is it really worth the effort?


If you dwell on this question too long, you may feel like packing everything up and walking away. I want you to recognize that accomplishing God’s purpose in this life will come with some bumps and bruises. There will be disappointments, betrayals, misunderstandings, and frustrations in the process, but stay in the fight. It won’t be easy but it is all worth it.


There is no greater impact you will have or greater joy you will find than accomplishing God’s will for your life. Whether that’s in your family, your career, or your ministry there is no greater fulfillment. This is why you were created and this is what Satan is trying to keep you from. Let these words encourage you: 


We are hard pressed on every side, but not crushed; perplexed, but not in despair; persecuted, but not abandoned; struck down, but not destroyed…Therefore we do not lose heart. Though outwardly we are wasting away, yet inwardly we are being renewed day by day, for our light and momentary troubles are achieving for us an eternal glory that far outweighs them all. – 2 Corinthians 4:8-9, 2 Corinthians 4:16-17


You Can Overcome Satan’s Schemes

The Bible encourages us to be aware of the devil’s devices or schemes. The truth is he has a plan and a strategy. However, the truth also is that in Christ you can win and overcome all of his schemes. When Satan attacks, and he will, then gear up, fight back, and remember two things:


- You are more than a conqueror, and


- the Holy Spirit who is in you, is greater than Satan who is in the world.


He will attack. But by God’s grace and strength, you will fight back and you will win.



Clarence L. Haynes Jr. is a speaker, Bible teacher, author, and co-founder of The Bible Study Club. He has spent more than 30 years serving the body of Christ in various capacities and has just released his first book, The Pursuit of Purpose. If you have ever struggled trying to find God’s will, this book will help you discover the different ways God leads you into his perfect will. To learn more about his ministry please visit clarencehaynes.com. 


आध्यात्मिक विकास और ईसाई जीवित संसाधन


 क्लेरेंस एल। हैन्स जूनियर।



 7 साइन्स शैतान आपके दिमाग के साथ खिलवाड़ कर रहा है


 हम सभी पहचानते हैं कि हमारा कोई दुश्मन है।  हम सभी जानते हैं कि शैतान हमला करता है।  हालांकि सवाल यह है: वह यह कैसे करता है?  दुश्मन पर हमला करने और हमें उतारने की कोशिश करने के तरीके और तरीके क्या हैं?  उसके तरीकों को समझना इतना महत्वपूर्ण है क्योंकि जब आप करते हैं, तो आप पहरे पर हो सकते हैं और वापस लड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।



 मेरा मानना ​​है कि शैतान वास्तव में आपके जीवन में तीन चीजों के बाद है।



 आपका रिश्ता- आपका ईश्वर के साथ चलना।



 आपकी संगति- मसीह के शरीर में दूसरों के साथ आपकी सहभागिता।



 आपका शिष्यत्व- आपके जीवन के लिए भगवान के उद्देश्य को पूरा करने की आपकी प्रतिबद्धता।



 आपके जीवन के इन क्षेत्रों पर हमला करने के लिए दुश्मन के काम करने के तरीकों में से एक, संदेह के छोटे बीज रोपण करके, अक्सर प्रश्नों के रूप में होता है।  दूसरे शब्दों में, वह आपकी मानसिकता या आपकी सोच के साथ खिलवाड़ करता है।  यदि आपको याद है कि उसने बगीचे में ईव के साथ ऐसा किया था, जब उसने पूछा, "क्या वास्तव में भगवान ने कहा था?"



 जिस तरह से उसने ऑपरेशन किया, वह अभी भी है कि वह अब कैसे संचालित होता है।  ये बीज आपके जीवन में इनमें से एक या तीन क्षेत्रों पर हमला करते हैं।  यदि हम सावधान नहीं हैं तो ये छोटे बीज जड़ ले सकते हैं और हम उनमें प्राण फूंक सकते हैं।  वे आपकी सोच पर कुठाराघात कर सकते हैं और आपको अपंग बना सकते हैं, जिससे आप एक अनुत्पादक जीवन जी सकते हैं।  अपना बचाव करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उनमें से कुछ को पहचानें।



 इस कारण से, मैं आपके साथ सात सवालों को साझा करना चाहता हूं शैतान आपकी मानसिकता के साथ गड़बड़ करने के लिए कहेंगे।




 1. क्या ईश्वर ने आपको वास्तव में माफ़ किया है?


 शैतान द्वारा अक्सर उपयोग की जाने वाली चालों में से एक यह है कि आपको यह विश्वास दिलाना है कि या तो भगवान ने आपको माफ नहीं किया है या उसने आपको माफ नहीं किया है।  अक्षमता की इस भावना के साथ समस्या यह है कि यह आपको ईश्वर से दूर धकेल देती है।



 इसके लिए एक और शब्द निंदा है।  निंदा आपको भगवान के करीब नहीं लाना चाहती है, इससे आप जितना संभव हो उतना दूर भागना चाहते हैं।  याद रखें, यह वही है जो आदम और हव्वा ने बगीचे में महसूस किया था और यह उन्हें भगवान से छिपाने का कारण बना।



 शैतान निंदा की शक्ति को समझता है।  वह जानता है कि क्या वह आपको इस प्रकार के विचार सोच सकता है कि आप परमेश्वर की क्षमता या आपकी क्षमा करने की इच्छा पर सवाल उठाएंगे।  इससे भगवान के साथ आपके चलने पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।  आपने प्रार्थना नहीं की  आपने पूजा नहीं की।  आपने अपनी बाइबल नहीं खोली क्योंकि आपके दिमाग में आप निंदा करते हैं।



 इस बीज को जड़ से उखाड़ने में आपकी मदद करने के लिए यहां दो श्लोक हैं।



 इसलिए, अब उन लोगों के लिए कोई निंदा नहीं है जो मसीह यीशु में हैं - रोमियों 8: 1



 यदि हम अपने पापों को स्वीकार करते हैं, तो वह वफादार और न्यायपूर्ण है और हमें हमारे पापों को क्षमा करेगा और हमें सभी अधर्म से शुद्ध करेगा।  - १ यूहन्ना १: ९



 आप आज आश्वस्त हो सकते हैं कि ईश्वर न केवल क्षमा करने में सक्षम है, वह क्षमा करने को तैयार है।  जब वह आपको क्षमा करता है, तो वह स्लेट को साफ करता है और वह आपके पापों को याद नहीं करता है।



 जहाँ तक पूरब पश्चिम का है, अब तक उसने हमसे हमारे अपराधों को हटा दिया है।  - भजन १०३: १२



 आपको माफ किया गया है।  तुम आज़ाद हो।  आपकी निंदा नहीं है।



 2. क्या भगवान वास्तव में आपसे प्यार करता है?


 कई बार, यह प्रश्न आपके सिर में घूमता है, खासकर जब आपके जीवन में कोई बड़ी निराशा या त्रासदी होती है।  आपको आश्चर्य होने लगता है कि क्या भगवान का प्यार असली है।  आखिर, अगर ईश्वर वास्तव में मुझसे प्यार करता है तो ऐसा क्यों हुआ?  मैं यह नहीं बताना चाहता हूं कि यह एक सरल प्रश्न है, जिसके माध्यम से काम करना है, यह नहीं है, लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि भगवान वास्तव में आपसे प्यार करता है और उसने इसे साबित किया है।



 लेकिन परमेश्‍वर इसमें हमारे लिए अपना प्यार प्रदर्शित करता है: जब हम पापी थे, तब भी मसीह हमारे लिए मरा।  - रोमियों 5: 8



 आपके लिए भगवान के प्यार का प्रमाण यह नहीं है कि आपके जीवन में हमेशा सब कुछ सही होता है।  आपको याद रखना होगा कि हम अभी भी पतित, पापी दुनिया में रहते हैं।



 ईश्वर के प्रेम का प्रमाण यह है कि उसने हमारी सबसे बड़ी दुर्भावना से निपटा, जो हमारी पापपूर्ण स्थिति थी।  अगर वह हमें उस हालत में छोड़ देता तो हम हमेशा के लिए उससे अलग हो जाते।  इसलिए, यदि शैतान आपको धोखा देने की कोशिश करता है और आपको क्रॉस याद करने के लिए भगवान के प्यार के बारे में आश्चर्य करने के लिए शुरू करने का कारण बनता है।  यह था और हमेशा के लिए सबसे बड़ा सबूत होगा कि भगवान आपको कितना प्यार करता है।



 3. उन्होंने ऐसा क्यों किया?


 सबसे निराशाजनक प्रश्नों में से एक आप पूछ सकते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?  शैतान यह जानता है।  जब आप इस प्रश्न को पूछते हैं, तो आमतौर पर यह अपने आप को होता है और उस व्यक्ति को कभी नहीं होता है जो कुछ भी उन्होंने किया है।  जब ऐसा होता है तो यह केवल अटकलों और आरोपों की ओर जाता है।  मैंने किसी को यह कहते सुना है: पूरी जानकारी के बिना, आप जिस भी निष्कर्ष पर आते हैं, वह संभवतः गलत है।



 जब आप किसी व्यक्ति के उद्देश्यों पर सवाल उठाते हैं, तो उस व्यक्ति से बात किए बिना, यह अविश्वास, दोष, विभाजन और अंततः अलगाव के लिए एक प्रजनन आधार बन जाता है।  यह शैतान की गली के ठीक ऊपर है।  यदि आपको पता है कि कोई व्यक्ति कुछ गलत करता है या आप गलत करते हैं, तो अपने आप से यह न पूछें कि उनसे क्यों पूछें।  इसका मतलब यह नहीं है कि आप जवाब पसंद करेंगे, लेकिन कम से कम आपको यह मानने की ज़रूरत नहीं है कि यह क्या है।



 यह एक अकेला कार्य एकता और निरंतर संगति के लिए एक संभावित खुला द्वार बनाता है।




 4. क्या तुम सच में विश्वास करते हो कि परमेश्वर तुम्हारे लिए आने वाला है?


 यह भगवान की आस्था और उसकी देखभाल करने की आपकी क्षमता का सवाल है।  अगर शैतान आपको ईश्वर की आस्था पर सवाल उठा सकता है, तो यह चिंता, भ्रम, चिंता, तनाव और यहां तक ​​कि अवसाद की ओर ले जाता है।  इनमें से कोई भी स्वस्थ नहीं है और कोई भी आपके लिए अच्छा नहीं है।  इब्रियों में भगवान के वादे पर विचार करें (मेरे पसंदीदा शास्त्रों में से एक)



 ... क्योंकि उन्होंने कहा है, "मैं कभी भी [किसी भी परिस्थिति में] आपको रेगिस्तान नहीं दूंगा [या आपको बिना समर्थन के न तो छोड़ दूं, न ही किसी भी डिग्री में आपको असहाय छोड़ दूंगा] और न ही मैं आपको त्यागने या शांत होने दूंगा या आराम करने दूंगा  तुम पर पकड़ [आश्वासन नहीं]! "  - इब्रानियों 13: 5 (एएमपी)



 आपको कुछ समय के लिए अपने दिल में उस प्रतिध्वनि को आने देना चाहिए।  यह आपके विश्वास का निर्माण करना चाहिए और आपकी चिंता को नष्ट करना चाहिए।  आज यह जान लो, ईश्वर तुम्हारे प्रति आस्थावान होगा।  वह तुम्हें निराश नहीं करेगा।  आप भरोसा कर सकते हैं कि आज कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुश्मन आपको बताने की कोशिश करता है।



 जब तुम पानी से गुजरोगे, तो मैं तुम्हारे साथ रहूंगा;  और जब तुम नदियों के पास से गुजरोगे, वे तुम्हारे ऊपर से नहीं बहेंगे।  जब आप आग से चलते हैं, तो आप जलाए नहीं जाएंगे;  आग की लपटों ने आपको अचंभे में नहीं डाला।  - यशायाह 43: 2



 5. कोई भी यह नहीं समझता है कि आप क्या कर रहे हैं।


 यह वास्तव में एक सवाल नहीं है, लेकिन एक कानाफूसी है जो कभी-कभी आप पर हमला करेगा जब आप एक कठिन जगह पर होते हैं।  लक्ष्य आपको अलग करना है।  आपको ईश्वर की उपस्थिति से अलग करता है क्योंकि वह नहीं समझता है।  आपको परमेश्वर के लोगों से अलग करें क्योंकि वे समझ नहीं पाते हैं।  यही शैतान चाहता है कि आप विश्वास करें।  जब ऐसा होता है, तो आप अपने स्वयं के उपकरणों के लिए छोड़ दिए जाते हैं जो आपको कमजोर और कमजोर बनाते हैं।



 फिर, यह वह जगह है जहां वह चाहता है कि आप रहें।  अगर ये फुसफुसाते हैं, तो परमेश्वर के वचन की सच्चाई को याद रखें



 क्योंकि हमारे पास एक महायाजक नहीं है जो हमारी कमजोरियों के साथ सहानुभूति रखने में असमर्थ है, लेकिन हमारे पास एक ऐसा व्यक्ति है जिसे हर तरह से प्रलोभन दिया गया है, जैसे कि हम हैं - फिर भी उसने पाप नहीं किया।  आइए फिर हम विश्वास के साथ ईश्वर के अनुग्रह के सिंहासन के पास पहुँचें, ताकि हम दया प्राप्त करें और हमारी ज़रूरत के समय में हमारी सहायता करने के लिए कृपा पाएँ।  - इब्रानियों 4: 15-16



 दो एक से बेहतर हैं, क्योंकि उनके पास अपने श्रम के लिए एक अच्छा रिटर्न है: यदि उनमें से कोई भी नीचे गिरता है, तो एक दूसरे की मदद कर सकता है।  लेकिन जो कोई भी गिर जाता है और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं होता उस पर दया करो।  - सभोपदेशक 4: 9-10



 तुम अकेले नही हो।  आप अकेले अपने संघर्ष में नहीं हैं।



 न केवल भगवान को समझ में आता है, बल्कि उसने आपके आस-पास के लोगों को रखा है, जो भी करेंगे।  जीवन के कठिन क्षणों में, ईश्वर और उन लोगों को देखने से मत डरिए जिन्हें उसने आपको घेर रखा है।  वैसे, अगर आपको ऐसा लगता है कि कोई भी आसपास नहीं है, तो प्रार्थना करें और भगवान से उन्हें अपने जीवन में लाने के लिए कहें।  मैंने पहले भी यही प्रार्थना की है और भगवान ने मेरे लिए किया है।  मुझे विश्वास है कि वह आपके लिए भी ऐसा कर सकता है।




 6. क्या आपको लगता है कि आप वास्तव में ऐसा कर सकते हैं?  तुम जो हो, उसे देखो।


 जब यह आपके दिल में बहता है, तो शत्रु या तो आपको अपनी सीमाओं या अपनी योग्यता को देखने की कोशिश कर रहा है।  वह इस चुनौती को स्वीकार कर रहा है कि आप वह व्यक्ति हो सकते हैं जो ईश्वर आपको चाहता है ... या वह प्राप्त करें जिसे ईश्वर आपको पूरा करना चाहता है।



 यह याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि क्योंकि भगवान आपके दिल के अंदर बसते हैं, आप कुछ भी करने के लिए सीमित या अयोग्य नहीं हैं।  चूंकि वह असंभव का भगवान है, और वह आप में रहता है, तब भी सबसे असंभव परिस्थितियां संभव हो जाती हैं क्योंकि वह आपके माध्यम से काम कर रहा है।  यही कारण है कि पॉल ने कहा कि मैं मसीह के माध्यम से सभी चीजें कर सकता हूं जो मुझे मजबूत करता है।



 आपके जीवन में भगवान की उपस्थिति सीमाओं को हटा देती है और यही वह है जो आपको योग्य बनाता है।  शैतान आपको केवल अपनी क्षमता को देखते हुए छल करना चाहता है और यह हममें से किसी के लिए भी बहुत निराशाजनक हो सकता है।  ईश्वर चाहता है कि आप उसकी क्षमता में झुकें, क्योंकि जब ईश्वर आपके लिए है तो वास्तव में आपके खिलाफ कौन खड़ा हो सकता है?  वह जो आप में शुरू किया वह पूरा करने के लिए लाएगा;  इसलिए अपनी क्षमता में आराम करें और अपना नहीं।



 इस विश्वास के साथ, कि वह जो आप में एक अच्छा काम शुरू किया था, उसे पूरा करने के लिए मसीह यीशु के दिन तक पूरा करेगा।  - फिलिप्पियों 1: 6




 7. क्या यह वास्तव में इसके लायक है?


 जीवन में कभी-कभी आपको निराशा का सामना करना पड़ेगा।  आप मेहनत करेंगे, मेहनत करेंगे, अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे और वह सब करने के बाद भी आपको वह परिणाम नहीं मिल सकता है जैसा आप चाहते थे।  आप जो कुछ भी कर रहे हैं, उसमें अपना दिल और आत्मा डालने के बाद, कोई आपको अप्राप्य या थोड़े मूल्य या मूल्य का अनुभव करा सकता है।



 इन क्षणों में, शैतान इस विचार को भांप सकता है: क्या यह वास्तव में प्रयास के लायक है?



 यदि आप इस प्रश्न पर बहुत लंबे समय तक रहते हैं, तो आप ऐसा महसूस कर सकते हैं कि सब कुछ पैक करना और दूर चलना।  मैं चाहता हूं कि आप इस बात को पहचानें कि इस जीवन में भगवान का उद्देश्य कुछ धक्कों और चोटों के साथ आएगा।  इस प्रक्रिया में निराशा, विश्वासघात, गलतफहमी और निराशा होगी, लेकिन लड़ाई में बने रहें।  यह आसान नहीं होगा, लेकिन यह इसके लायक है।



 आपके जीवन के लिए ईश्वर की इच्छा को पूरा करने की तुलना में आपके पास कोई बड़ा प्रभाव नहीं होगा या आपको अधिक खुशी होगी।  चाहे वह आपके परिवार में हो, आपके करियर में हो, या आपके मंत्रालय में कोई बड़ी पूर्ति न हो।  यही कारण है कि आपको बनाया गया था और यही शैतान आपको बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।  इन शब्दों को प्रोत्साहित करें:



 हमें हर तरफ से मुश्किल से दबाया जाता है, लेकिन कुचला नहीं जाता;  हैरान, लेकिन निराशा में नहीं;  सताया, लेकिन नहीं छोड़ा;  मारा, लेकिन नष्ट नहीं हुआ ... इसलिए हम हिम्मत नहीं हारते।  हालाँकि बाहरी तौर पर हम बर्बाद हो रहे हैं, फिर भी हम दिन-ब-दिन नए-नए बनते जा रहे हैं, क्योंकि हमारी हल्की और क्षणिक तकलीफें हमारे लिए एक शाश्वत गौरव प्राप्त कर रही हैं जो अब तक उन सबको पछाड़ता है।  - 2 कुरिन्थियों 4: 8-9, 2 कुरिन्थियों 4: 16-17



 आप शैतान की योजनाओं पर काबू पा सकते हैं


 बाइबल हमें शैतान के उपकरणों या योजनाओं के बारे में जागरूक होने के लिए प्रोत्साहित करती है।  सच्चाई यह है कि उसके पास एक योजना और एक रणनीति है।  हालाँकि, सच्चाई यह भी है कि मसीह में आप उनकी सभी योजनाओं को जीत सकते हैं और उनसे आगे निकल सकते हैं।  जब शैतान हमला करता है, और वह करेगा, तो कमर कस कर, लड़ना और दो चीजों को याद रखना:



 - आप एक विजेता से अधिक हैं, और



 - जो पवित्र आत्मा आप में है, वह शैतान से बड़ा है जो दुनिया में है।



 वह हमला करेगा।  लेकिन भगवान की कृपा और शक्ति से, आप वापस लड़ेंगे और आप जीत जाएंगे।




 क्लेरेंस एल। हैन्स जूनियर एक वक्ता, बाइबल शिक्षक, लेखक और द बाइबल स्टडी क्लब के सह-संस्थापक हैं।  उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में मसीह के शरीर की सेवा करने में 30 से अधिक वर्ष बिताए हैं और अभी-अभी अपनी पहली पुस्तक, द परस्यूट ऑफ पर्पस का विमोचन किया है।  यदि आपने कभी ईश्वर की इच्छा को खोजने के लिए संघर्ष किया है, तो यह पुस्तक आपको उन विभिन्न तरीकों की खोज करने में मदद करेगी, जिनसे ईश्वर आपको उसकी पूर्ण इच्छा में ले जाता है। 

उनके मंत्रालय के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया clearencehaynes.com पर जाएँ।